E.h. Carr What Is History Pdf In Hindi [repack]

कार का सबसे बड़ा योगदान 'तथ्य' (Fact) की अवधारणा को स्पष्ट करना है।

घटनाओं के पीछे की निर्णायक भूमिका होती है।

‘इतिहास क्या है?’ पुस्तक में कार ने सबसे पहले यह प्रश्न उठाया कि क्या इतिहास कोई वस्तुनिष्ठ, तटस्थ विज्ञान हो सकता है। उन्होंने तर्क दिया कि इतिहास के ‘तथ्य’ अपने आप में कोई ठोस, अपरिवर्तनीय सत्य नहीं होते; बल्कि वे इतिहासकारों द्वारा चुने और व्याख्याए जाते हैं। कार के अनुसार, । इस संवाद में इतिहासकार एक मार्गदर्शक और व्याख्याता की भूमिका निभाता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इतिहासकार के बिना तथ्य मूक होते हैं, और बिना तथ्यों के इतिहासकार केवल एक कल्पनाकार ही रह जाता है।

कार ने इस विचार को खारिज कर दिया कि तथ्य स्वयं बोलते हैं। उनका मानना था कि: e.h. carr what is history pdf in hindi

इतिहास केवल महान राजाओं या व्यक्तियों की कहानी नहीं है। कार के अनुसार, इतिहासकार और उसका विषय दोनों ही समाज का हिस्सा होते हैं। एक इतिहासकार जिस समाज और काल में रहता है, उसके विचार उसके इतिहास लेखन को प्रभावित करते हैं।

ई. एच. कार (28 जून 1892 – 3 नवंबर 1982) एक ब्रिटिश इतिहासकार, राजनयिक, पत्रकार और अंतरराष्ट्रीय संबंधों के सिद्धांतकार थे। वे अपने 14-खंडों के महान ग्रंथ 'सोवियत रूस का इतिहास' और अपनी पुस्तक 'इतिहास क्या है?' के लिए विशेष रूप से जाने जाते हैं। कार ने सोवियत संघ के इतिहास का गहन अध्ययन किया और अंतरराष्ट्रीय संबंधों के सिद्धांतों को उपदेशात्मक यथार्थवादी काल्पनिक स्वरूप प्रदान किया। उनका जीवनकाल विवादों से भरा रहा, लेकिन उनकी विद्वत्ता और मौलिक चिंतन ने उन्हें इतिहास-लेखन के क्षेत्र में एक अद्वितीय स्थान दिलाया।

कार ने 19वीं सदी के इस विचार को नकारा कि इतिहास केवल निर्विवाद तथ्यों का संकलन है。 तथ्यों का चयन: e.h. carr what is history pdf in hindi

1. तथ्य और इतिहासकार का संबंध (Facts and the Historian)

2. मुख्य विचार और सिद्धांत (Key Concepts)

इस परिभाषा का मतलब है कि इतिहास केवल अतीत की घटनाओं की सूची नहीं है, बल्कि उस अतीत को आज के दृष्टिकोण से देखने का एक सक्रिय तरीका है। e.h. carr what is history pdf in hindi

इतिहासकार अपने दौर के ज्ञान और विचारों से प्रभावित होता है। इसलिए, हर युग अपना इतिहास खुद लिखता है।

रिपोर्ट: ई.एच. कार और "इतिहास क्या है?" 1. मुख्य परिभाषा (Core Definition)

पुस्तक के मूल में कार ने यह स्थापित किया कि । एक ऐतिहासिक तथ्य तब तक अर्थ नहीं रखता जब तक कि उसे किसी विशेष संदर्भ और दृष्टिकोण से न देखा जाए। वे यह भी बताते हैं कि इतिहासकार स्वयं अपने समाज, संस्कृति और समय की उपज होता है। वह अपने पूर्वाग्रहों, मूल्यों और मान्यताओं के साथ अतीत के अवशेषों (दस्तावेजों, अभिलेखों) का चयन और मूल्यांकन करता है।

‘इतिहास क्या है?’ ने 1960 के दशक में इतिहास-लेखन (हिस्टोरियोग्राफी) के क्षेत्र में एक क्रांतिकारी बदलाव ला दिया। इस पुस्तक ने इस पारंपरिक धारणा को चुनौती दी कि इतिहास केवल तिथियों और घटनाओं का एक संग्रह मात्र है। इसके बजाय, कार ने इतिहास को एक सृजनात्मक प्रक्रिया के रूप में प्रस्तुत किया, जहाँ इतिहासकार और उसके तथ्य एक दूसरे के पूरक और प्रभावक होते हैं। यह पुस्तक न केवल शैक्षणिक जगत में, बल्कि आम पाठकों में भी बेहद लोकप्रिय हुई, क्योंकि इसमें गहन सैद्धांतिक विषयों को सरल, रोचक और स्मरणीय उदाहरणों के साथ समझाया गया है। रिचर्ड जे. इवांस ने इस पुस्तक को "जीवंत, विवादास्पद, विनोद और बुद्धि से परिपूर्ण" बताया है।