पुंडरीक स्वामी थे। उन्होंने इसी पहाड़ी पर मोक्ष प्राप्त किया था। इस पहाड़ी के 108 नामों में से एक "पुंडरीकगिरि" उन्हीं के नाम पर रखा गया है।
विश्वसेन कुल नभामणि, भविजन सुख कंदो।
इस गिरि की महिमा अनंत, कौन करे वखाण; palitana 5 chaityavandan in hindi full
चौथा और मुख्य चैत्यवंदन पालीताना के भव्य मूलनायक दादा आदिनाथ के मुख्य दरबार में गर्भगृह के सम्मुख किया जाता है। संपूर्ण पाठ:
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श्री शत्रुंजय महातीर्थ के दर्शन मात्र से ही जीव की दुर्गति का नाश हो जाता है। जो भी भव्य जीव सच्चे भाव से इस पर्वत पर पैर रखता है, प्रभु उसका संसार सागर पार करा देते हैं। यह अनंत सिद्धों की भूमि और समस्त तीर्थों का राजा है। यहाँ आदिनाथ (ऋषभदेव) प्रभु ने 99 बार समवशरण कर अपने चरण स्थापित किए हैं Tattva Gyan।
क्या आपको चैत्यवंदन के अंत में बोली जाने वाली का पाठ चाहिए? AI responses may include mistakes. Learn more Share public link कौन करे वखाण
पर्वत के ऊपर मुख्य परिसर में प्रवेश करते समय शांतिनाथ भगवान के मंदिर में यह चैत्यवंदन किया जाता है。 स्थान: