कुरान में सूरतुल मायदा (आयत 44) में आता है:
(हजरत ईसा अलैहिस्सलाम पर)
बनी इसराइल का मिस्र से निकलना और दस आज्ञाओं (Ten Commandments) का मिलना।
इस्लाम में मुसलमानों को तौरात पढ़ने की अनुमति तो है, लेकिन यह समझते हुए कि यह बदला हुआ रूप हो सकता है। केवल कुरान अंतिम सत्य है। फिर भी, ज्ञान के लिए पढ़ना हराम नहीं है।
इसमें बनी इसराइल का मिस्र की गुलामी से बाहर निकलने और कोह-ए-तूर की घटनाओं का वर्णन है। taurat kitab hindi
यहूदी धर्म (Judaism) और ईसाई धर्म (Christianity) में तौरात को 'ओल्ड टेस्टामेंट' (Old Testament) या 'हिब्रू बाइबिल' के पहले पांच भागों के रूप में जाना जाता है। इसे "मूसा की पांच किताबें" (Five Books of Moses) भी कहते हैं। इसके पांच मुख्य हिस्से इस प्रकार हैं:
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, आज से हजारों साल पहले मिस्र (Egypt) से बनी इसराइल के लोगों को आजाद कराने के बाद हजरत मूसा को सिनाई पर्वत (Mount Sinai) पर अल्लाह ने यह कानून दिए थे।
यहूदी परंपरा (Judaism) के अनुसार, तौरात मूल रूप से हिब्रू बाइबिल (Tanakh) के पहले पांच भागों (पेंटाटुक - Pentateuch) को कहा जाता है। ये पांच भाग निम्नलिखित हैं:
3. कुरान और इस्लाम में तौरात (Taurat in Islam) In Islam, it is recognized as one of
इस्लाम में, तौरात पर विश्वास करना ईमान के अंगों में से एक है। कुरान में कई स्थानों पर तौरात का ज़िक्र आया है:
to assist South Asian readers in understanding its historical and spiritual context. Availability in Hindi
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इसमें जीवन जीने के नैतिक और सामाजिक कानून दिए गए हैं, जिन्हें 'मूसा का कानून' (Mosaic Law) भी कहा जाता है। alongside the (Gospel)
इसमें दुनिया की रचना, हज़रत आदम, हज़रत नूह, और हज़रत इब्राहीम का इतिहास है।
तौरात मुख्य रूप से पांच पुस्तकों (किताबों) में विभाजित है, जिन्हें हिब्रू और हिंदी में इस प्रकार जाना जाता है:
वहाँ हज़रत मूसा ने 40 दिन तक उपवास और इबादत की। इसके बाद अल्लाह ने उन्हें पत्थरों की पट्टियों पर लिखित रूप में 'दस आज्ञाएँ' (Ten Commandments) और बनी इसराइल के मार्गदर्शन के लिए तौरात अता फरमाई।
तौरात के मुख्य भाग (Structure of Torah)
(Moses). In Islam, it is recognized as one of the four major divine books, alongside the (Gospel), and the Key Features of the Taurat Kitab Origin & Purpose : Revealed to guide the Children of Israel ( Bani Isra'il