इस पुस्तक से प्रभावी ढंग से तैयारी कैसे करें? (Study Strategy)

यह पुस्तक आधुनिक विश्व के उदय से लेकर 20वीं सदी के अंत तक की प्रमुख घटनाओं को क्रमिक रूप से प्रस्तुत करती है। इसके मुख्य अध्याय इस प्रकार हैं:

पढ़ना शुरू करने से पहले UPSC या अपने राज्य लोक सेवा आयोग के विश्व इतिहास के पाठ्यक्रम को अच्छी तरह देख लें। पुस्तक के केवल उन्हीं अध्यायों पर ध्यान केंद्रित करें जो आपके सिलेबस में शामिल हैं।

जैन एवं माथुर की पुस्तक केवल तथ्यों का संग्रह नहीं है, बल्कि यह विश्व इतिहास की घटनाओं को एक कहानी और विश्लेषण के रूप में प्रस्तुत करती है। इसकी कुछ प्रमुख विशेषताएं निम्नलिखित हैं:

यदि आप इसका आधिकारिक और स्पष्ट डिजिटल संस्करण चाहते हैं, तो आप Google Play Books या Amazon Kindle पर जाकर इसकी ई-बुक खरीद सकते हैं। यह पढ़ने में आसान और पूरी तरह सुरक्षित माध्यम है।

उच्च गुणवत्ता वाली पीडीएफ सिर्फ आपका पैसा नहीं बचाती; सही स्रोत से ली गई पीडीएफ आपका समय और परेशानी भी बचाती है (क्योंकि उसमें पन्ने गलत नहीं होते)।

हिंदी माध्यम से इतिहास की तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों के लिए पाठ्यसामग्री का चयन हमेशा से एक बड़ी चुनौती रहा है। जैन और माथुर की पुस्तक इस कमी को पूरी तरह से दूर करती है। इसके लोकप्रिय होने के मुख्य कारण निम्नलिखित हैं:

जैन एवं माथुर की पुस्तक काफी विस्तृत है, इसलिए इसे पढ़ते समय सही रणनीति अपनाना आवश्यक है:

यह लेत्र केवल शैक्षिक मार्गदर्शन के लिए है। हम किसी भी कॉपीराइटेड सामग्री के अवैध वितरण का समर्थन नहीं करते। कृपया कानूनी स्रोतों का उपयोग करें।

5. साम्राज्यवाद और उपनिवेशवाद

जारशाही का पतन, लेनिन की भूमिका और साम्यवाद का वैश्विक प्रसार।

वैश्विक प्रभाव' का एक फ्लोचार्ट बना लें। इससे मुख्य परीक्षा के समय रिवीजन करने में आसानी होगी।

यह पुस्तक UPSC के मुख्य परीक्षा (Mains) के इतिहास वैकल्पिक (History Optional) और सामान्य अध्ययन (GS Paper 1) के पाठ्यक्रम को पूरी तरह कवर करती है।

: मार्क्सवादी विचारधारा और साम्यवाद का व्यावहारिक क्रियान्वयन।